भारत के महान आदिवासियों को समर्पित कविता
👏भारत के महान आदिवासियों को नमन. 👏
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वृहत भारत के मूलनिवासियों,
जरा अपना "इतिहास" पढलो।
अजय वीर बिरसामुंडा और
महान धनुर्धर एकलव्य को पढलो,।।
महान ऋषि महात्मा "शम्बूक की,
उस दर्द भरी दास्तां को पढलो।
शायद तुम्हारा स्वाभिमान जाग जाए,
एक बार बाबा साहब को तो पढलो।।
तुम जो इतिहास आज पढ़ते हो,
उसमें केवल जरायम पेशा पढ़ते हो।
महात्मा "बुद्ध"अशोक महान"और
"पेरियार" को क्यों नहीं पढ़ते हो।।
अपने "गौरवशाली इतिहास को,
केवल एक बार जो तुम पढ़ लोगे।
तो अपना खोया हुआ सम्मान,
एक बार फिर से प्राप्त कर लोगे।।
आज इस आदिवासी दिवस पर,
एक "दृढ संकल्प" जरूर करना,
कि आदिवासी इतिहास का एक,
पन्ना पलटकर याद जरूर करना।
देखते हैँ तुम्हारा" राज "फिर से,
लौटकर क्यों नहीं आएगा।
मैं दावे के साथ कहता हूँ कि,
तुम्हारा वैभव पुनः लोट आएगा।।
जय भीम, 🇮🇳 🇮🇳 जय भारत।
जय आदिवासी ✌️ जय मूलनिवासी
👏👏👏👏👏👏👏👏
कवि - महेशानंद "रत्नाकर"
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