मूलनिवासी कविता

--- :मूलनिवासी:---       

खुद को  मूलनिवासी बोलो ,   
अपनी ताकत को को तोलो ।
'राज'अगर तुम लेना चाहो ,  
बाबा साहब की जय बोलो ।।

संगठित हो संघर्ष करो तुम ,
सिंहासन   अपना    होगा ।
भीमराव के पद चिन्हों पर ,
अजय सदा  शासन होगा ।।

कब तक हक माँगोगे उनसे ,
 कब तक  याचक रहना है ।
आओ  नीले  झण्डे  नीचे ,
 हमको  राजा  बनना है ।।

तुम भारत के मूल निवासी ,
तुम  ही  राजा  हो  इसके ।
अपना शासन वापस लेलो ,
असली मालिक हो इसके ।।

जय भीम ,जय मूल निवासी ।।

🏹🏹🏹          🏹🏹🏹

  कवयित्री :- देवांगना  "देवल"
              बारां (राजस्थान)

Comments

  1. चंद्रमोहन जी
    जय जोहार
    🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
    आप ऐसे ही पोस्ट करते रहे। हम आपको स्पोर्ट करते रहेंगे।
    विश्व आदिवासी दिवस की शुभ कामनाएं🌳🌳

    ReplyDelete

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