झारखंड के अंशुमन एक्टर बनने मुंबई पहुचे, नही मिली सफलता तो बन गए लेखक।
झारखंड के अंशुमन एक्टर बनने मुंबई पहुचे, नही मिली सफलता तो बन गए लेखक।
हम सबको ही पता है, हर छोटे या बड़े शहर के लड़का लड़की का सपना होता है मुंबई जाकर एक्टर बनने का। इसी तरह झारखंड के अंशुमन का भी यही सपना था।
इस सपने को पूरा करने के लिए अंशुमन ने झारखंड के ही एक एक्टिंग स्कूल में एक्टिंग का एक शॉर्ट टर्म कोर्स किया था। उस कोर्स को पूरा करने से पहले उन्होंने अपनों पढ़ाई पूरी कर ली थी। जिसके बाद वो मुंबई चले गए।
नही मिली मुंबई में सफलता
मुंबई में अपनी किस्मत को आजमाने आए अंशुमन ने 3 साल खूब मेहनत की। हर जगह जा जा कर ऑडिशन दिए। उन्होंने बाद में बताया कि उनके उन 3 साल में कोई ऐसा दिन नहीं था जब उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर के ऑफिस के चक्कर नही लगाए हो।
अंशुमन ने बाद में बताया कि ऐसा करने वालें वो अकेले नहीं थे ऐसे और भी अनगिनत लोग रोज इस मायानगरी में यही करते है। लोग आते तो लाखो की भीड़ में हैं पर सफलता कुछ गिने चुने लोगो को ही मिलती हैं। अंशुमन बताते है उन्हे नही लगता उन्होंने किसी भी कास्टिंग डायरेक्टर का ऑफिस छोडा होगा। अंशुमन बताते है कि जब उन्हे 3 साल रोज भागा दौड़ी करते हुए कामयाबी नहीं मिली तो उन्होंने राइटर बनने का ही सोच लिया।
अंशुमन ने लिखी किताबे
अंशुमन ने हाल ही में अपनी एक किताब निकाली है जिसका नाम है एक सफर में। इस किताब में उन्होंने अपनें स्ट्रगलिंग के दिनों के बारे में बताया है। इस किताब में उन्होंने यह बताया है कि कैसे मुंबई में रोज , लाखो की भीड़ में आए व्यक्ति अपने करियर बनाने के लिए रोज मेहनत करते है। इस किताब के द्वारा अंशुमन सबको यह बताना चाहते है कि जो भी कोई मुंबई जाकर एक्टर या एक्ट्रेस बनने की कोशिश वाला है वो एक बार जाने से पहले यह किताब पढ़ ले।
बचपन से ही था लिखने का जुनून
अंशुमन बताते है कि ऐसा नही है उन्होंने अचानक से एक दिन पैन और कागज उठाया और उन्होंने लिखना शुरू कर दिया। अंशुमन को बचपन से ही लिखने का शौक था पहले वो किसी कॉपी के पीछे या अपने मोबाइल पर लिखते थे।
आज वो वही चीज एक किताब के रूप में पब्लिश करते है। अंशुमन ने अब तक 4 किताबे लिख दी है। जिसमें से उनकी पहली किताब का नाम योर ओन थॉट था। जो उन्होंने 2018 में लिखी थी।
किताबो के आलावा कमाई का जरिया
अंशुमन का मानना है कि सिर्फ किताब लिख कर कोई भी राइटर अच्छा पैसा नही बना सकता। Islye कोई राइटर किसी क्लाइंट के लिए नही तो फ्रीलांसिंग कंटेंट लिखता ही है। अंशुमन बताते है किताबो के अलावा वो महीने में 60 हजार से 70 हजार के बीच पैसा कमा लेते है।
क्या क्या खूबियां होनी चाहिए एक लेखक में
अंशुमन का मानना यह है कि अगर कोई व्यक्ति राइटर के तौर पर अपना करियर बनाना चाहता है तो उसे कॉन्टेंट की काफी नॉलेज होनी चाहिए। उसको जितने ज्यादा चीजों की नॉल्डेज होगी उस राइटर के लिए वो चीज उतनी ही बेहतर होगी अगर कोई व्यक्ति नई चीजों को लिखता है तो पब्लिशर भी नए चीजों को छापने में ज्यादा उत्सुक रहते है। जिसके बाद किसी भी व्यक्ति को उनके करियर में एक अच्छा मुकाम मिल सकता है।
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